परमेश्वर चाहता है कि हमारा परिवार सुखी हो। आज हम सुखी परिवार के सात लक्षण देखेंगे , लेकिन इसका मतलब यह नही की लक्षण सात ही है। जैसे जैसे आप और नई बातें सीखेंगे आप इसमें जोडते जाएं। निम्न बिन्दुओं पर गौर करें। संक्षिप्त में विवरण भी दिए गएं है। 1. स्नेह परिवार में स्नेह भावना आवश्यक है। परमेश्वर चाहता है कि परिवार ही स्नेह का सर्वोत्तम स्थान बनें। जब परिवार में इसकी कमी होती है तो सदस्य घर से बाहर स्नेह की तालाश करते है जिसके कारण परिवार की मजबूती ज्यादा नही रह पाती है। 2. समझ आपसी मतभेद के बावजूद एक दूसरे को समझने का प्रयास करना अतिआवश्यक है। कई बार सदस्य एक दूसरे पर दोश लगाने लगते है कि वे समझते नही या ये समझते नही। दोश लगाने से कुछ भला नही होता। समझ प्रेम और विश्वास का बंधन है। 3. समर्पण परिवार मे लक्ष्य एवं समर्पण की भावना होना चाहिए। समर्पण आपसी हो और लक्ष्य पर केंद्रित हो। यहोशु को याद करे जिसने कहा कि वह अपने घराने समेत ईश्वर की सेवा करेगा। समर्पण एवं कर्तव्य निष्ठा साथ साथ चलते है। घर के अध्यक्ष का परिवार के लिए कुछ लक्ष्य रखें है। ईश्वर भी जगत मे...
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